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बैंक अकाउंट कितने प्रकार के होते है? | Different Types of Bank Accounts in Hindi

बैंक में अकाउंट होना आज हर एक आदमी की अहम् जरूरत है प्रधानमंत्री जनधन योजना के बाद तो गरीब से गरीब आदमी के पास उनका अपना एक बैंक खाता हो गया है| 
एटीएम का इस्तेमाल करते समय आपने देखा होगा कि आपसे आपके बैंक खाते नेचर यानी उसके चालू या बचत खाता होने के बारे में पूछा जाता है| 

लेकिन बहुत कम लोग ही जानते हैं चालू खाता यानी करंट अकाउंट और बचत खाता यानी सेविंग अकाउंट में क्या अंतर होता है और उनकी क्या खूबियां और क्या सीमाएं होती हैं हेलो एंड वेलकम दोस्तों मैं हूं पंकज गौतम और आज के इस पोस्ट में मैं आप लोगों को बताने वाला हूं कि बैंक अकाउंट कितने तरह के होते हैं (How many types of bank accounts are there in Hindi?) और कौन से अकाउंट की क्या खूबियां और क्या सीमाएं होती हैं (Which account has what features and limitations in Hindi) तो चलिए शुरू करते हैं...

बैंक अकाउंट कितने प्रकार के होते है? | Different Types of Bank Accounts in Hindi


    बैंक में आमतौर पर चार तरह के खाते होते हैं (There are four types of accounts) 
    1. चालू खाता यानी करंट अकाउंट - Current account
    2. बचत खाता यानी सेविंग अकाउंट - saving account 
    3. आवर्ती जमा खाता यानी रेकरिंग डिपॉजिट अकाउंट, जिसको आरडीबी भी कहा जाता है - Recurring Deposit account 
    4. सावधि जमा खाता यानी फिक्स डिपॉजिट अकाउंट जिसको एफडीवी भी कहा जाता है - Fixed deposit account

    चालू खाता यानी करंट अकाउंट (Current account)


    चालू खाता आमतौर से बिजनेसमैन (business account). फर्म (farm account), कंपनी (company) वगैरा के लिए होता है जिनके खाते में पैसों का बहुत ज्यादा भराव होता है बहुत से मतलब है की लाखों रुपए उनके अकाउंट में आते हैं और निकाल भी ले जाते हैं| तो ऐसे लोग चालू खाता में पैसे रखते हैं|
     
    ऐसे अमीर लोगों या फर्म को इन्वेस्टमेंट (investment) या अपने पैसे में इंटरेस्ट (interest) मिलने में कोई इंटरेस्ट नहीं होता चालू खाते की खूबी यह है कि इसमें डिपाजिट यानी जमा या विड्रोल यानी पैसा निकालने की कोई सीमा नहीं होती चालू खाते में धारक को कोई इंटरेस्ट नहीं मिलता है हां बैंक उनसे चार्ज जरूर लेता है|

    चालू खाता बचत खाते से बिल्कुल अलग होता है यह खाता खासतौर पर कारोबारियों के लिए होता है बिजनेसमैन के लिए होता है इस खाते में बचत खाते की तरह लेनदेन की कोई सीमा नहीं होती यानी कि 1 दिन में आप कितने भी ट्रांजैक्शन कर सकते हैं|

    चालू खाते में जमा राशि पर ब्याज नहीं मिलता है लेकिन इस खाते में सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि बैंक कारोबारियों को इसके जरिए पैसा देती है ताकि उनके बिजनेस में कोई रुकावट ना आए साथ ही बैंक चालू खाते मैं ड्राफ्ट की सुविधा भी देती है यानी चालू खाते से काफी कारोबारी मौजूद रकम से पैसा निकाल सकते हैं किसी चालू खाते में राशि ओवरड्राफ्ट की जा सकती है| 

    स्थानीय ग्रामीण बैंक खाता ग्राहक के टर्नओवर पर मुनाफे वगैरह को ध्यान में रखकर तय करते हैं| चालू खाता कोई भी व्यक्ति निजी रूप से या संयुक्त खाते के तौर पर खोल सकता है| इसके अलावा कंपनियों, प्राधिकरणों, सोसायटी द्वारा दी सोसायटी द्वारा भी ये खाते खोले जा सकते हैं| 

    सोसायटी द्वारा दिया खाता खोला जा सकता है| चालू खाते पर बैंक कई तरह की ऐसी सुविधाएं देती है जिससे खाताधारक कंपनियों या संस्थाओं को अपने कामकाज में आसानी होती है इनमें डिमांड ड्राफ्ट या पेय आर्डर जारी करने, NEFT से फंड ट्रांसफर, चेक कलेक्शन भुगतान मुफ्त कैश डिपॉजिट वगैरह शामिल है|

    बचत खाता यानी सेविंग अकाउंट (Saving account)

    यह खाता आम लोगों के लिए होता है और निजी हस्तांतरण निपटाने के काम आता है| लेकिन इस खाते पर लेनदेन की सीमाएं होती हैं अमूमन 1 दिन में एक बचत खाते से ज्यादा से ज्यादा 5 ट्रांजैक्शन किए जा सकते हैं| बचत खाते में जमा राशि बैंक ब्याज भी देता है ज्यादातर बैंकों में यह ब्याज की दर 4 से 6 फ़ीसदी होती है इसलिए बचत खाता खुलवाने से पहले बैंक कितना ब्याज दे रहा है यह जरूर जान लेना चाहिए|
     
    यहां यह जानना भी जरूरी है सेविंग अकाउंट के ब्याज पर टैक्स लगता है हालांकि यह 10000 rs. सालाना टैक्स पर सालाना प्रोविजन है| बचत खाता रखने वालों को बैंक की तरफ से चेक बुक, डेबिट कार्ड, एटीएम कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग की सुविधाएं मिलती हैं, जिनमें ज्यादातर सुविधाएं मुफ्त होती हैं| 
     
    लेकिन कुछ सेवाओं पर बैंक शुल्क भी ले सकते हैं जैसे कि नाम से ही पता चलता है कि सेविंग अकाउंट शेविंग करने के लिए बना है हम आप जैसे लोग चाहते हैं कि हमें हमारे जमा किए गए पैसों पर ब्याज मिले 
    और कम से कम अपने अपने अकाउंट से पैसा निकालें| "जितना जमा उतना अच्छा!" कोई भी आदमी चाहे वह कितनी भी अच्छी कंपनी मैं काम करता हो, सरकारी नौकर हो, प्रोफेशनल हो या छात्र हो वह सेविंग अकाउंट में अपना खाता खोल सकता है| 

    जैसे कि मैंने बताया कि सेविंग अकाउंट में अकाउंट धारक को जमा किए गए पैसे पर ब्याज भी मिलता है बचत खाता के धारक कभी भी अपने जमा धन को बैंक अकाउंट से निकाल सकते हैं और कभी भी बैंक में पैसा जमा कर सकते हैं|

    पैसे जमा करने की संख्या में कोई बांधा नहीं होता, लेकिन पैसे निकालने की संख्या में कुछ बांधएं जरूर होते हैं| जैसे कि आप ₹50 से कम नहीं निकाल सकते हैं, या एटीएम से 6 महीने के अंदर 30 से ज्यादा बार पैसे नहीं निकाल सकते हैं, चालू खाते की तरह आप कभी भी कहीं भी जितना चाहे उतना पैसा सेविंग अकाउंट से नहीं निकाल सकते हैं|

    ज्यादातर बैंक अपने ग्राहक को अपने अकाउंट में कम से कम राशि बनाए रखने के लिए बातें करते हैं| इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग के जरिए आप जरूरी बिलों का भुगतान कर सकते हैं| ऑनलाइन शॉपिंग कर सकते हैं, फंड ट्रांसफर कर सकते हैं, डेबिट कार्ड के जरिए भी पैसा निकाल सकते हैं, शॉपिंग वगैरह करी जा सकती हैं|

    आमतौर पर बचत खातों में कम से कम राशि रखने की शर्त होती है| सरकारी बैंकों में राशि 500 से 1000 तक की हो सकती हैं लेकिन निजी बैंक इस मामले में अलग है वहां rs.5000, rs.10,000 से ₹25000 तक कम से कम राखी राशि रखना अपने अकाउंट में जरूरी होता है| 

    हालांकि कुछ खातो जैसे की स्टूडेंट अकाउंट छात्र द्वारा वजीफे के लिए खोलें गए खाते प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खोले गए खाते इन जैसे खातों में जीरो बैलेंस रखा जा सकता है| 

    रेकरिंग डिपॉजिट अकाउंट (Recurring Deposit account)

    आरडी अकाउंट में वह खाता खोलते हैं जो लोग एक निश्चित राशि नियमित रूप से जमा करना चाहते हैं जिससे उन्हें अधिक दर पर सूद, ब्याज, इंटरेस्ट मिले| आरडी अकाउंट में एक खास राशि एक तय अवधि के लिए हर महीने जमा की जाती है और तय की गई अवधि के समाप्त हो जाने के बाद समुचित के साथ कुल राशि भुगतान कर दिया जाता है| 

    जमा करने की अवधि कम से कम 1 साल और ज्यादा से ज्यादा 10 साल की होती है| सूद की दर जमा किए गए पैसे के अलग-अलग प्लान मैं अलग अलग होती है| जैसे कि आप हर महीने ₹10000 जमा कर रहे हैं तो आपको ज्यादा इंटरेस्ट मिलेगा| उन लोगों की तुलना में जो लोग ₹4000 महीने जमा कर रहे हैं उन्हें कम इंटरेस्ट मिलेगा| 

    यही आपको ज्यादा पैसे जमा कर रहे हैं तो आपको ज्यादा इंटरेस्ट मिलेगा और कम अवधि के लिए कम इंटरेस्ट मिलेगा| आरडी अकाउंट में समय से पहले पैसा निकालने की सुविधा बिल्कुल भी नहीं होती है| वैसे बैंक चाहे तो मैच्योरिटी की अवधि पूरा होने के पहले उसे बंद करने की अनुमति दे सकती है दे सकता है| आवर्ती जमा खाता यानी आरडी में सिंगल या ज्वाइंट अकाउंट खोले जा सकते हैं| 

    सावधि जमा खाता यानी फिक्स डिपॉजिट अकाउंट (Fixed deposit account)

    सावधि जमा खाता या एफडी अकाउंट में एक खास अवधि के लिए एक विशेष राशि रखी जाती है| यहां एक बार ही पैसा जमा कर सकते हैं और एक बार ही निकाल सकते हैं| आरडी अकाउंट की तरह इस खाते मैं समय से पहले पैसे नहीं निकाल सकते हैं| तय की गई अवधि के पहले पैसे निकालने से आपको बैंक को पेनल्टी देनी पड़ती है जो कि हर बैंक के द्वारा अलग-अलग तय की जाती है और अकाउंट को हमेशा के लिए बंद कर दिया जाता है| 

    फिक्स डिपाजिट में उपभोक्ता को हाई रेट इंटरेस्ट दिया जाता है इंटरेस्ट रेट जमा पैसे डिपाजिट मनी और जमा की गई अवधि डिपॉजिट पीरियड के आधार पर तय की जाती है जो कि ज्यादा से ज्यादा 10 साल के लिए होती है|

     

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